Skip to main content

Featured

Writing

 मैंने अब धीरे-धीरे सीख लिया है या यूं कहूँ की कोई सिखा कर गया ..कि ज़िंदगी हर किसी को अपनी मुट्ठी में क़ैद कर लेने का नाम नहीं,बल्कि वक़्त आने पर मुस्कुराकर रुख़्सत कर देने का हुनर है..पहले मैं बहुत रोकती थी लोगों को भी,रिश्तों को भी,यहाँ तक कि उन लम्हों को भी जो मेरी उँगलियों से फिसल चुके थे..फिर एक दिन समझ आया,मोहब्बत का मतलब किसी को थामे रखना नहीं, बल्कि उसके हिस्से की आज़ादी को भी उतनी ही शिद्दत से चाहना है अब जो चला जाता है, उसे बद्दुआ नहीं देती, सिर्फ़ अपनी दुआओँ से आहिस्ता-आहिस्ता विदा कर देती हूँ हाँ, दर्द अब भी होता है, आँखें आज भी भर आती हैं,मगर मैंने अपने आँसुओं से भी कह दिया है हर बिछड़ना मातम नहीं होता..मैंने सीखा है...कुछ लोग हमारी ज़िंदगी में हमेशा रहने नहीं, हमें बदलने आते हैं... और जब उनका काम पूरा हो जाता है, तो उन्हें रोक लेना अपने ही हिस्से की रौशनी से इंकार करना होता है..अब मैं जाने देने से नहीं डरती...क्योंकि मुझे यक़ीन है जो मेरी नसीब में लिखा है,वो मुझसे कभी जुदा नहीं होगा बाक़ी सब... वक़्त की अमानत है, और अमानतें एक दिन लौटा दी जाती हैं.. हमे भी वक्त को सब...

Birthday....

कल जन्मदिन है तुम्हारा ..

हाँ .. तो हर साल ही आता हैं ..

क्या तोहफ़ा लोगी मुझसे इस बार ??

पूछ तो ऐसे रहे हो जैसे मैं ख़ुद से तोहफ़े माँग के लेती हुँ.. मज़ाक़ मत करो ..

मुझे सच में तुम्हारे लिए तोहफ़ा समझ
नहीं आ रहा ..
तुम पागल हो .. जन्मदिन इतना भी ख़ास नहीं है मेरे लिए ..

हाँ तो वो मुझसे मिलने से पहले की बात हैं .. मैं तो तुम्हारे जन्मदिन का पूरे साल इंतज़ार करता हूँ ..
अच्छा सुनो .. एक बात बताओ क्या तुम्हें मालूम है  ज़्यादा ख़ास क्या लगता है जब जन्मदिन आने वाला हो तो ..

क्या ..??
इस बात का एहसास होना की कोई आपके ख़ास दिन के लिए आपसे भी ज़्यादा उत्साहित हैं और तुम मुझे ये हर साल एहसास करवाते हो ..
मुझे मालूम है तुम मुझे ये मेरा मन रखने के लिए कह रही हो ..

जी नहीं .. ऐसा है तो आ जाओ मेरे पास इतना दूर क्यूँ हो .?

तुम जानती हो .. हालात हमारे साथ होते तो तुमसे दूर कभी नहीं रहता.. तुम्हारे जन्मदिन पर तो बिलकुल भी नहीं ..
अच्छा बातें ना बनाओ.. जो कर सकते हो वो मांगुँ ?? बोलो दोगे ..??

जान छोड़कर कुछ भी माँग लो क्यूँकि वो तो यहाँ से भी दे सकता हुँ

हो गया तुम्हारा ..अब मैं बोलू ..??

हाँ हाँ भड़कों मत .. बोलो ना ..

रात को बारह बजे जब मुझे बधाई देने आओ तो बिलकुल
ऐसे आना जैसे ख़्वाबों में आते हो ..

मैं कुछ समझा नहीं ..

विडीओ कॉल करना .और वहीं आसमानी शर्ट में ही आना प्लीज़ ..

बस इतनी सी बात आ जाऊँगा ..
मैं भी कुछ मांगुँ तुमसे दोगी ??

अच्छा जी ..जन्मदिन मेरा और माँगे तुम्हारी भी हैं ,चलो बोलो .क्या चाहिए ?
तुम भी जब विडीओ कॉल पर आओ तो गुलाबी साड़ी में आना .. तारों वाली बड़ी बिंदी ... वो तुम्हारे गालों को चूमने वाले झुमके ..सुनहेरी चूड़ियाँ मेरी ख़ुशियों को अपने होंठों के सुर्ख़ रंग और आँखों के काजल से सजा लेना ..
और सारे ग़मों को अपने जुड़े में बांध कर मेरे सामने आना ..
उफ़्फ़्फ .. बहुत डिमांडिंग हो .... पर तुम्हें तो साज श्रिंगार पसंद नहीं है ..

हाँ लेकिन तुम्हें तो पसंद है ना .. दिन तुम्हारा तो पसंद भी तुम्हारी होनी चाहिए ..

हाये तुम इतने प्यारे क्यूँ हो ??

ये तो अक्सर मैं ख़ुद से भी करता हूँ ..
चलो  सब मेरी पसंद का पर तुम्हारी पसंद का मोगरे का गजरा भी लगा आऊँगी .बोनस तुम्हारा अब फ़ोन रखती हूँ सजने में वक़्त लगेगा आज मेरे जैसी बातें की हैं तुमने दिल ख़ुश कर दिया बड़े वाली झप्पी भेज रहीं हुँ रख लो
हाँ जाओ पूरी ड्रामेबाज हो तुम ..
हुँ तो तुम्हारी ही ..!

Comments

Popular Posts