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Showing posts from January, 2020

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Writing

 मैंने अब धीरे-धीरे सीख लिया है या यूं कहूँ की कोई सिखा कर गया ..कि ज़िंदगी हर किसी को अपनी मुट्ठी में क़ैद कर लेने का नाम नहीं,बल्कि वक़्त आने पर मुस्कुराकर रुख़्सत कर देने का हुनर है..पहले मैं बहुत रोकती थी लोगों को भी,रिश्तों को भी,यहाँ तक कि उन लम्हों को भी जो मेरी उँगलियों से फिसल चुके थे..फिर एक दिन समझ आया,मोहब्बत का मतलब किसी को थामे रखना नहीं, बल्कि उसके हिस्से की आज़ादी को भी उतनी ही शिद्दत से चाहना है अब जो चला जाता है, उसे बद्दुआ नहीं देती, सिर्फ़ अपनी दुआओँ से आहिस्ता-आहिस्ता विदा कर देती हूँ हाँ, दर्द अब भी होता है, आँखें आज भी भर आती हैं,मगर मैंने अपने आँसुओं से भी कह दिया है हर बिछड़ना मातम नहीं होता..मैंने सीखा है...कुछ लोग हमारी ज़िंदगी में हमेशा रहने नहीं, हमें बदलने आते हैं... और जब उनका काम पूरा हो जाता है, तो उन्हें रोक लेना अपने ही हिस्से की रौशनी से इंकार करना होता है..अब मैं जाने देने से नहीं डरती...क्योंकि मुझे यक़ीन है जो मेरी नसीब में लिखा है,वो मुझसे कभी जुदा नहीं होगा बाक़ी सब... वक़्त की अमानत है, और अमानतें एक दिन लौटा दी जाती हैं.. हमे भी वक्त को सब...

Pooh and piglet .....

यूंही...

Vishwas....

Tum ishq ho.....

Phir vahi sham ....

Kisi mod par....

तुम्हारा खयाल...

बाते...

Sahitya ...

Purush

Udasi bhari Shaaam .....

Morning...

Past

Khud se Jung....

First love....

विश्वास...!!

River .....

Judai ....!!

मौन....

Dhalti sham....!!

Prem

Prem...

Ek rishta....

Main aur Tum

Stree....

Adhuri baate.....

Tum .....

Yade....

Ishq...

Bhakti....

Kuch ankahi ....

Man ki baat...

धर्म....!!

Sham...

Rishta

Prem...!!

Rishta ....

Jindagi....

Kuch baate

तुम...!!

कमी...!!

प्रेम.....!!

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