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Love Letter 💌

प्रेम कभी एक पत्र में पूरा नहीं लिखा जा सकता मैंने कई बार सोचा कि तुम्हें एक लंबा पत्र लिखूँ..ऐसा पत्र जिसमें मैं तुम्हें बता सकूँ कि तुम्हारे आने के बाद मेरे भीतर क्या-क्या बदला..कैसे कुछ रास्ते जो हमेशा वीरान लगते थे, अचानक आबाद हो गए...कैसे कुछ शामें, जो पहले सिर्फ़ शामें थीं, तुम्हारे बाद प्रतीक्षा में बदल गईं.. कैसे चाय का एक कप, बारिश की एक बूँद, किसी किताब का कोई वाक्य, किसी गीत का कोई टुकड़ा सब तुम्हारे हिस्से का हो गया..! लेकिन हर बार पत्र अधूरा रह गया..! क्योंकि प्रेम कभी एक पत्र में पूरा नहीं लिखा जा सकता..! प्रेम तो जीवन भर लिखी जाने वाली वह डायरी है, जिसका हर पन्ना तुम्हारे नाम से शुरू होता है और तुम्हारी स्मृति पर आकर ठहर जाता है..! मुझे याद है, जब पहली बार तुमसे बात हुई थी.. उस दिन कोई बड़ी घटना नहीं घटी थी..आसमान वैसा ही था, सड़कें वैसी ही थीं, लोग वैसे ही अपने-अपने कामों में व्यस्त थे.. लेकिन बाद में समझ आया कि प्रेम जब आता है तो वह शोर नहीं करता वह किसी मौसम की तरह नहीं आता कि पूरी दुनिया को पता चल जाए। वह धीरे से हमारे भीतर एक कमरा बना लेता है..और फिर एक दिन हम पाते ...

Deh

प्रेम में जब भी देह की देहरी लांघना
आत्मा के साथ लांघना
अगर न कर सको ऐसा
तो बुद्ध सा दानपात्र आगे बढ़ा
मांग लेना
कि भूखा हूं आम्रपाली
भिक्षा में मुझे वासना दो.....


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