Skip to main content

Featured

Writing

 मैंने अब धीरे-धीरे सीख लिया है या यूं कहूँ की कोई सिखा कर गया ..कि ज़िंदगी हर किसी को अपनी मुट्ठी में क़ैद कर लेने का नाम नहीं,बल्कि वक़्त आने पर मुस्कुराकर रुख़्सत कर देने का हुनर है..पहले मैं बहुत रोकती थी लोगों को भी,रिश्तों को भी,यहाँ तक कि उन लम्हों को भी जो मेरी उँगलियों से फिसल चुके थे..फिर एक दिन समझ आया,मोहब्बत का मतलब किसी को थामे रखना नहीं, बल्कि उसके हिस्से की आज़ादी को भी उतनी ही शिद्दत से चाहना है अब जो चला जाता है, उसे बद्दुआ नहीं देती, सिर्फ़ अपनी दुआओँ से आहिस्ता-आहिस्ता विदा कर देती हूँ हाँ, दर्द अब भी होता है, आँखें आज भी भर आती हैं,मगर मैंने अपने आँसुओं से भी कह दिया है हर बिछड़ना मातम नहीं होता..मैंने सीखा है...कुछ लोग हमारी ज़िंदगी में हमेशा रहने नहीं, हमें बदलने आते हैं... और जब उनका काम पूरा हो जाता है, तो उन्हें रोक लेना अपने ही हिस्से की रौशनी से इंकार करना होता है..अब मैं जाने देने से नहीं डरती...क्योंकि मुझे यक़ीन है जो मेरी नसीब में लिखा है,वो मुझसे कभी जुदा नहीं होगा बाक़ी सब... वक़्त की अमानत है, और अमानतें एक दिन लौटा दी जाती हैं.. हमे भी वक्त को सब...

अरु ...

शिव सब कुछ सच है ना ..अरु आज हज़ारों कशमकश से घिरी हुई थी अरु जिसे यकीन नहीं था कि कोई उसे भी चाह सकता है कभी..! शायद अरु टुकड़ों में बिखरी हुई थी और शिव से उसने कहा भी था शिव तुम नहीं ना मुझे तोड़ोगे ओर लोगो को तरह तभी तो अरु इतनी ज्यादा हैरान थी इस बात से की शिव को पसंद थी वो!
"ये इश्क़ भी ना.. होता है तो बस हो जाता है.. और अब तो इश्क़ नहीं पागलपन है ये.. शायद इस पागलपन का मज़ा ही अजीब है..अरु तुम बस यकीन करो मुझ पर ..
शिव जानता था की ये काफी तो नहीं होगा अरु को ये विश्वास दिलाने के लिए की वो वाकई ख़ास है उसके लिए!
"और कभी अगर कोई तुम्हे मुझसे भी अलग, अच्छी  मिल गयी तो ? शिव तुम उसके लिए मुझे छोड़ नहीं ना दोगे ? अरु ने फिर से पूछा शिव ने अरु के इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया था ...अरु की बातों में  एक डर था शिव को खो देने का ! मानो जैसे अंदर कोई तूफ़ान चल रहा हो..!
जैसे अरु को पता था की लोग कैसे किसी और की खातिर किसी को हमेशा के लिए भूल जाते है..!!
और ये भरोसा था उसको! की वही होगा जो होता आया है! सदियों से...!!
अरु इन दिनों आए शिव के व्यवहार के आए बदलाव से विचलित थी ..शिव ने उससे कहा अरु nothing gonna change .. जैसा है सब कुछ वैसा ही रहेगा पर पता नहीं शायद दिल ना कुछ बाते पहले से जान लेता है आने वाले समय के बारे में ... शिव का उसकी दूसरे की तरफ का झुकाव अरु को महसूस हो गया था ...और कहते है ना कुछ डर कभी कभी सच साबित हो जाते है वहीं हुआ... शिव ने एक दिन उससे कह दिया पता नहीं वो क्या खोज रहा है ... जिंदगी किसी के जाने से रुक नहीं जाती .. तुम आगे बढ़ो ... अरु की आंखो से आंसू बह रहे थे उस समझ ही नहीं आ रहा था कि क्या हुआ उसके साथ ये शिव ने उसे बिखेर दिया था.. शिव ने उससे कहा कि तुम मुझ से दूर रहो मुझे तुम्हारे लिए मेरे
प्यार को जवाब देना अच्छा नहीं लगता ... कल तक जो अरु शिव का प्यार थी आज उसकी सारी बाते सब कुछ शिव को घुटन महसूस हो रही क्या गलती थी अरु की ? क्यों शिव ने उसके साथ ऐसा किया ? वो शिव से बार बार शिव क्या हुआ ? अरु सवालों से घिरी हुई थी उसे यकीन नहीं हो रहा था जो शिव उसे कहता था वो अरु को दूर जाने नहीं देगा और वो चली भी गई तो उसे ढूंढ लेगा आज वो शिव अरु के लिए पराया हो गया था वो उससे अब बात भी नहीं करना चाहता था वो उस किसी के लिए अरु की परछाई को भी पास नहीं आने दे रहा था... और आज अरु खुद से नजर नहीं मिला पा रही थी ... अरु बिखर गई फिर से एक बार ... उसे समझ ही नहीं आ रहा था उसने शिव से कहा था शिव अरु टुकड़ों में बिखरी हुई है और उसे तोड़ कर मत जाना शायद इस बार वो खुद को फिर से
समेट ना पाए कभी भी ...!!

Comments

Popular Posts