Featured
- Get link
- X
- Other Apps
Love you ...
शिव कौन कहता है कि आप हमसे दूर हो .. आप यही हो मेरे आस पास .. हर पल हर एहसास में..मेरे दिल में मेरी धड़कन बनकर धड़कते हो कैसे कह दू दूर हो ..आपको कितनी बार सामने खड़ा पाया है मैंने वहीं आपकी चिरपरिचित मुस्कान के साथ ..आप हवा महक बनकर खुशबू से महक ते हो .. इन हवाओं में आपका गूंजता है .. आपका स्पर्श जो मैंने महुसुस किया है . .. वो अभी तक मेरे बदन पर वैसा ही है .. हां पहले आप थे मेरे साथ साकार रूप बनकर अब आप भी मेरे ईश्वर की तरह निराकार रूप बनकर रहते हो हमेशा हां इसलिए मैंने हमेशा शिव के रूप में देखा है आपको .. आप मेरी रूह हो शिव ..जैसे रूह के बिना इस शरीर का कोई अस्तिव नहीं वैसे ही आप के इस प्रेम के बिना हम कुछ नहीं है ..
शिव आपके लिए मेरा प्रेम मेरे ईश्वर सा है ..! मुझे आपको पाना नहीं आपमें विलीन हो जाना है ..! आपसे दूर रहकर आपको बिना देखे भी हम ऐसे ही आपको चाहते रहेंगे
हमेशा मेरे "आराध्य" की तरह ...!!
हां आप मेरे आराध्य हो आप मेरे " शिव" हो ...!!
Comments
Popular Posts
Some Decisions Don’t Have Logic They’re Just Destiny
- Get link
- X
- Other Apps
रूह से जुडा रिश्ता पास हो ना हो
ReplyDeleteउसका अहसास सबसे ख़ास होता है ।