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Writing

 मैंने अब धीरे-धीरे सीख लिया है या यूं कहूँ की कोई सिखा कर गया ..कि ज़िंदगी हर किसी को अपनी मुट्ठी में क़ैद कर लेने का नाम नहीं,बल्कि वक़्त आने पर मुस्कुराकर रुख़्सत कर देने का हुनर है..पहले मैं बहुत रोकती थी लोगों को भी,रिश्तों को भी,यहाँ तक कि उन लम्हों को भी जो मेरी उँगलियों से फिसल चुके थे..फिर एक दिन समझ आया,मोहब्बत का मतलब किसी को थामे रखना नहीं, बल्कि उसके हिस्से की आज़ादी को भी उतनी ही शिद्दत से चाहना है अब जो चला जाता है, उसे बद्दुआ नहीं देती, सिर्फ़ अपनी दुआओँ से आहिस्ता-आहिस्ता विदा कर देती हूँ हाँ, दर्द अब भी होता है, आँखें आज भी भर आती हैं,मगर मैंने अपने आँसुओं से भी कह दिया है हर बिछड़ना मातम नहीं होता..मैंने सीखा है...कुछ लोग हमारी ज़िंदगी में हमेशा रहने नहीं, हमें बदलने आते हैं... और जब उनका काम पूरा हो जाता है, तो उन्हें रोक लेना अपने ही हिस्से की रौशनी से इंकार करना होता है..अब मैं जाने देने से नहीं डरती...क्योंकि मुझे यक़ीन है जो मेरी नसीब में लिखा है,वो मुझसे कभी जुदा नहीं होगा बाक़ी सब... वक़्त की अमानत है, और अमानतें एक दिन लौटा दी जाती हैं.. हमे भी वक्त को सब...

Corona .. Black Hole


 ‍‍‍‍‍‍‍‍‍कभी ‍सुना होगा..पढ़ा होगा.. और कभी उसे जानने के यत्न भी किए होंगे की अंतरिक्ष में एक ब्लैक होल नामक कुछ मौजूद होता है या बनता है..जो पूरी पृथ्वी को एक बार मे ख़त्म कर सकता है..हां मैने भी ऐसे ही कुछ पढ़ा था की वो ऐसी गुरत्वाकर्षण शक्ति है जो सब कुछ अपने और आकर्षित कर लेती है मैं आज आपसे कोरोना नामक ब्लैक होल की बात करना चाहतीं हू...जो इन दिनों अचानक से उत्पन हुआ है और जैसे सब कुछ अपने चपेट में लेना चाहता हो ..हां  वो पृथ्वी पर ही मौजूद है और दुनिया का लगभग हर चौथा पांचवा इंसान इस ब्लैक होल के अंदर फँसता हुआ जा रहा है या गिरने वाला मुमकिन है आप भी..!!

ये ब्लैक होल यूँही नहीं  बना हमने ही इसे खुद बनाया है अपनी लापरवाही से .. क्यों हम इतने निडर बन गए इसे लेकर .. ये कभी सोचना .. हमे ना सब बातों की जैसे जल्दी होती है .. थोड़ी ढील क्या हुए बस हम हो गए लापरवाह .. नही ये वक्त वैसे किसी को दोष देने का नही है .. सबने इस ब्लैक होल में कुछ ना कुछ खोया है ..परिवार चीखता है, दोस्त चिल्लाते है.. अबे..! ये इतना अच्छा था ,इतनी अच्छी थी.. कल ही तो फोटो देखा था कल ही तो इसकी पोस्ट पढ़ा था ..अभी कुछ दिन पहले तो मुझसे बात हुई थी ... ये क्या हो गया सब बातें व्यक्ति के जाने के बाद होती है..अब बस सबकी मदद करने का वक्त है ना की किसी राजनैतिक पार्टी के लिए , धर्म के लिए लड़ने का वक्त है ..हमे इसके लिए मिलकर काम करना होगा और इस ब्लैक होल में फंसे लोगों को उम्मीद की रौशनी दिखाकर बाहर लाना होगा..

सिर्फ़ जिंदगी को जीना नहीं जिंदगी को बचाना भी हमारा मक़सद होना चाहिए" जिंदगी की भोर धीमे होती है पर उसे ढलने में समय नहीं लगता.. 

खयाल रखिए अपना और अपनों का ..!!

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