Skip to main content

Featured

मन की गाँठें

मन की गाँठें रस्सी की गाँठों जैसी नहीं होतीं कि उन्हें हाथों से पकड़कर खोल लिया जाए। वे दिखाई भी नहीं देतीं, फिर भी उनका बोझ कंधों पर रखा किसी अदृश्य पत्थर की तरह हर समय हमारे साथ चलता रहता है। ये गाँठें अचानक नहीं बनतीं। इन्हें बनने में वर्षों लग जाते हैं। कभी किसी अधूरे संवाद से, जब हम बहुत कुछ कहना चाहते थे लेकिन चुप रह गए। कभी किसी टूटे हुए विश्वास से, जब किसी अपने ने वही किया जिसकी उम्मीद हमने कभी नहीं की थी। कभी किसी बिछड़न से, जो बाहर से साधारण दिखती है लेकिन भीतर किसी पूरे संसार को उजाड़ देती है। और कभी उन भावनाओं से जिन्हें हम व्यक्त नहीं कर पाते, क्योंकि हमें डर होता है कि कहीं हमारी संवेदनशीलता हमारी कमजोरी न समझ ली जाए। समय के बारे में कहा जाता है कि वह हर घाव भर देता है। शायद यह पूरी तरह सच नहीं है। समय कई बार घावों को भरता नहीं, बस उनके ऊपर धूल जमा देता है। हम जीना सीख लेते हैं। हम मुस्कुराना सीख लेते हैं। हम लोगों से मिलते हैं, काम करते हैं, यात्राएँ करते हैं, नई कहानियाँ लिखते हैं। बाहर से सब सामान्य दिखता है। इतना सामान्य कि दुनिया को लगता है कि हम पूरी तरह ठीक हैं। ले...

February

हर बार इस प्रेम के महीने के चौखट पर खाली झोली लेकर भीख मांगी है ... मगर हर बार भीख मैं मायूसी मिली है  ..

फ़रवरी लौट आई है, लेकिन तुम अब तक नहीं लौटे.. वसंत की इस बारीश में इक सूनापन है, तुम्हारी यादें मेरी राह देख रही हैं.. जब भी तुम्हारी याद आती है, एक उदासी की धुंध छा जाती है.. कई दिनों तक यूंही रूठे रहती है मगर यह धुंध छँटने का नाम ही नहीं लेती..


तुम बिन मेरी सुबहें, दोपहरें और शामें सब उदास हैं. इस प्यार के महीने में, जब हर जगह रंग बिखरते हैं, तुम्हारी अनुपस्थिति की खलिश और भी गहरी महसूस होती है..इस साल का लीप ईयर एक और दिन बढ़ा देता है इस बेचैनी और उदासी के सफर को, जैसे समय भी खुद को तुम्हारी वापसी की प्रतीक्षा में रोक रखा हो,,


प्यार की इस महकती मौसम में, जब हर दिल में नये इश्क के रंग बिखरते हैं, मेरी आँखों की भीख, मेरी बाहों की खामोशी, सब तुम्हारे लौटने की दुआ कर रहे हैं,,.. तुम्हारी यादें मेरे हर दिन को स्याह बना देती हैं, जैसे एक अनकही सी बात हर पल मेरे दिल को चुभ रही हो..तुम्हारी अनुपस्थिति का असर मेरे जीवन की हर सुबह, दोपहर, और शाम पर पड़ रहा है.. जब फूल खिलते हैं और पेड़ हरे-भरे होते हैं, तब भी मेरे दिल की उदासी को कोई रंग नहीं भर पाता.. फ़रवरी की ठंडी हवा और चटक धूप भी मेरी बेचैनी को कम नहीं कर पाती..इस मौसम में, जब हर कोई अपने प्यार को महसूस कर रहा है, मेरे दिल में सिर्फ तुम्हारी कमी का एहसास है..!!


तुम्हारी मैं !


Comments

Popular Posts