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Writing

 मैंने अब धीरे-धीरे सीख लिया है या यूं कहूँ की कोई सिखा कर गया ..कि ज़िंदगी हर किसी को अपनी मुट्ठी में क़ैद कर लेने का नाम नहीं,बल्कि वक़्त आने पर मुस्कुराकर रुख़्सत कर देने का हुनर है..पहले मैं बहुत रोकती थी लोगों को भी,रिश्तों को भी,यहाँ तक कि उन लम्हों को भी जो मेरी उँगलियों से फिसल चुके थे..फिर एक दिन समझ आया,मोहब्बत का मतलब किसी को थामे रखना नहीं, बल्कि उसके हिस्से की आज़ादी को भी उतनी ही शिद्दत से चाहना है अब जो चला जाता है, उसे बद्दुआ नहीं देती, सिर्फ़ अपनी दुआओँ से आहिस्ता-आहिस्ता विदा कर देती हूँ हाँ, दर्द अब भी होता है, आँखें आज भी भर आती हैं,मगर मैंने अपने आँसुओं से भी कह दिया है हर बिछड़ना मातम नहीं होता..मैंने सीखा है...कुछ लोग हमारी ज़िंदगी में हमेशा रहने नहीं, हमें बदलने आते हैं... और जब उनका काम पूरा हो जाता है, तो उन्हें रोक लेना अपने ही हिस्से की रौशनी से इंकार करना होता है..अब मैं जाने देने से नहीं डरती...क्योंकि मुझे यक़ीन है जो मेरी नसीब में लिखा है,वो मुझसे कभी जुदा नहीं होगा बाक़ी सब... वक़्त की अमानत है, और अमानतें एक दिन लौटा दी जाती हैं.. हमे भी वक्त को सब...

February

हर बार इस प्रेम के महीने के चौखट पर खाली झोली लेकर भीख मांगी है ... मगर हर बार भीख मैं मायूसी मिली है  ..

फ़रवरी लौट आई है, लेकिन तुम अब तक नहीं लौटे.. वसंत की इस बारीश में इक सूनापन है, तुम्हारी यादें मेरी राह देख रही हैं.. जब भी तुम्हारी याद आती है, एक उदासी की धुंध छा जाती है.. कई दिनों तक यूंही रूठे रहती है मगर यह धुंध छँटने का नाम ही नहीं लेती..


तुम बिन मेरी सुबहें, दोपहरें और शामें सब उदास हैं. इस प्यार के महीने में, जब हर जगह रंग बिखरते हैं, तुम्हारी अनुपस्थिति की खलिश और भी गहरी महसूस होती है..इस साल का लीप ईयर एक और दिन बढ़ा देता है इस बेचैनी और उदासी के सफर को, जैसे समय भी खुद को तुम्हारी वापसी की प्रतीक्षा में रोक रखा हो,,


प्यार की इस महकती मौसम में, जब हर दिल में नये इश्क के रंग बिखरते हैं, मेरी आँखों की भीख, मेरी बाहों की खामोशी, सब तुम्हारे लौटने की दुआ कर रहे हैं,,.. तुम्हारी यादें मेरे हर दिन को स्याह बना देती हैं, जैसे एक अनकही सी बात हर पल मेरे दिल को चुभ रही हो..तुम्हारी अनुपस्थिति का असर मेरे जीवन की हर सुबह, दोपहर, और शाम पर पड़ रहा है.. जब फूल खिलते हैं और पेड़ हरे-भरे होते हैं, तब भी मेरे दिल की उदासी को कोई रंग नहीं भर पाता.. फ़रवरी की ठंडी हवा और चटक धूप भी मेरी बेचैनी को कम नहीं कर पाती..इस मौसम में, जब हर कोई अपने प्यार को महसूस कर रहा है, मेरे दिल में सिर्फ तुम्हारी कमी का एहसास है..!!


तुम्हारी मैं !


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